Category: Essay

गुरुकुल

गुरुकुलों की स्थापना प्राय: वनों, उपवनों तथा ग्रामों या नगरों में की जाती थी। वनों में गुरुकुल बहुत कम होते थे। अधिकतर दार्शनिक आचार्य निर्जन वनों में निवास, अध्ययन तथा चिन्तन पसन्द करते थे। बाल्मीकि, सन्दीपनि, कण्व आदि ऋषियों के आश्रम वनों में ही स्थित थे और इनके यहाँ दर्शन शास्त्रों के साथ-साथ व्याकरण, ज्योतिष […]

चुनाव अमरीकी स्टाइल

कुछ दिन पहले अमरीका  में एक जोरदार चुनावी बहस हुई – वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके सीधे प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के मिट्ट रोमनी के बीच . बहस का सञ्चालन कर रहे थे अमरीका के एक लोकप्रिय न्यूज़ एडिटर जिम लेहरर . अमरीका  में ये चुनावी प्रचार का तरीका बहुत लम्बे समय से चल रहा […]

भारतीय किसान

भारतीय किसान परिश्रम, सेवा और त्याग की सजीव मूर्ति है। उसकी सादगी, सरलता तथा दुबलापन उसके सात्विक जीवन को प्रकट करती है। उसकी प्रशंसा में ठीक ही कहा गया है-नगरों के ऐसे पाखंडों से दूर, साधना निरत, सात्विक जीवन के महा सत्यतू नंदनीय जग का, चाहे रहे छिपा नित्य, इतिहास कहेगा तेरे श्रम में रहा […]

India: My country

India is my country. I am proud of my country. I call myself an Indian. India is the largest democratic country in the world. It’s a land of ancient culture and tradition. The wisdom of the Vedic songs enlightens the world, and guides the human race to the path of peace and coexistence. India is […]

गरीबों का स्थिति

आज, भारत में गरीबों का स्थिती बहुत ही खरराब है. अधिकतर गरीर ५० रुपये से कम में जीवन व्यतीत करने में मजबूर है. क्योंकी उनकें पास आमदनी का कोई जरीया नहीं है. इसके बारे में सोचने का समय न तो सर्कार के पास है, और न तो अथानीय प्रशासन के पास, यहाँ तक की स्थानीय […]